जन्मष्ठामी

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पिछले कुछ दिनों से हिन्दी में लिखे गए पोस्ट्स को पढने के बाद मेरी भी इक्षा थी कि मैं भी हिन्दी में कुछ लिखूं, और एक पर्व से अच्छा विषय क्या हो सकता हिन्दी में लिखने के लिए|
आज रत को हमारे विश्वविद्यालय में जन्मष्ठामी का पर्व मनाया गया | शुरुआत में हम लोग जाने के इच्छुक नहीं थे और हम जाने के लिए निकले भी थे तो पहले कुछ खाने के लिए ही निकले थे परन्तु और लोगों के संदेश आने के बाद हमने सोचा कि चलो अभी तक समय व्यर्थ कर रहे थे तो भगवान् के काम के लिए भी थोड़ा समय निकाल लेते हैं| हम लोग संगीत कक्ष चले गए जहाँ पे सारा कार्यक्रम आयोजित हुआ था | वहाँ पहुँचने पर मुझे सुखद आश्चर्य हुआ , हमारी आशा के विपरीत वहाँ अच्छी संख्या में लोग उपस्थित थे |

एक और आश्चर्य की बात ये थी की ये पूरा आयोजन परा-स्नातक छात्रों द्वारा किया गया था | हमारे विश्वविद्यालय में अक्सर सारे आयोजन स्नातक छात्रों द्वारा आयोजित किए जाते हैं और परा-स्नातक छात्र प्रायः अपनी पढ़ाई में ही व्यस्त रहते हैं | परन्तु ये पूरा आयोजन उन्ही लोगों द्वारा किया गया था और मैं कहना चाहूँगा कि ये एक उत्तम आयोजन था | उस कक्षा में आरतियाँ जिस जोश से गाई जा रही थीं उसे देख कर मेरे मन में येहि ख्याल आया कि भारत में रह कर हम कितना भी पश्चिमी सभ्यता परन्तु जब भी अपने रीति रिवाजों की बात आती है तो हम भी उनको उतना ही सम्मान दे सकते हैं जितना की हमसे पिछली पीढियां | वहाँ पे आरतियाँ गाने से जो सुकून मिला था वो अतुलनीय है | मैं उन परा-स्नातक छात्रों को फिर से धन्यवाद देना चाहूँगा जिनकी वजह से मुझे ये मौका मिला और आशा करता हूँ की आगे भी पर्व ऐसे ही धूमधाम से मनाये जायेंगे |
मेरा लेखन पढने के लिए धन्यवाद् |

आज का गाना – आप पर अर्ज़ है लकी अली द्वारा गाया गया एवं सुनो का गाना

१. मेरा हिन्दी में लिखा गया पहला पोस्ट |
२. कृपया इसको पढने के लिए इन्टरनेट एक्ष्प्लोरेर् का प्रयोग करें |
३. पिछले महीने ज़ोरदार कोशिश के बाद भी मेरी पोस्ट्स की गढ़ना १० से ज़्यादा ना हो सकी |
४. आज बहुत दिनों बाद हिन्दी में कुछ लिखा दिल को अच्छा लगा |
५. क्या कोई मुझे पोस्ट्स की हिन्दी बता सकता है जिस सन्दर्भ में यहाँ पर मैंने दो जगह प्रयोग किया है |
६. यदि आप अंतर्राष्ट्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के विद्यार्थी हैं और ये पढ़ रहे हैं तो कृपया कल सांय ५:३० बजे बास्केट बाल क्रीडा स्थल में शिक्षक दिवस समारोह के आयोजन में सम्मिलित हों |
७. ये विनती इसलिए क्यूंकि मैं उसके आयोजकों में से एक हूँ 😉 |

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6 thoughts on “जन्मष्ठामी

  1. पोस्ट को “स्तंभ” कह सकते हैं शायद। असल मैं स्तंभ article को कहते हैं । वैसे भी और कोई अच्छा शब्द समझ नही आ रहा।

    वैसे शुद्ध हिंदी लिखना आसान नही है, GG स्नातक और परा स्नातक के लिए।

  2. @ Obelix : Looks like some people read it 😛

    @ अंकित :अगली बार से ध्यान रखूँगा | वैसे धन्यवाद् |

    @ पीयूष : लेख के बारे में मैंने सोचा था पर ज़्यादा उचित नहीं लगा और चिटठा के बारे में तो मुझे नहीं मालुम था, अच्छा किया जो आपने बता दिया

    @ माथुर : नहीं यार शक्ति का सहारा नहीं लिया चिन्ता मत कर | वैसे धन्यवाद् कोशिश करुंगा की आगे भी ऐसे ही लिख सकूं परन्तु कई पाठकों को हिन्दी पढने में कठिनाई होती है , इसलिए हिन्दी में कम ही लिखूंगा

  3. सही यार तेरी हिंदी तो काफी अच्छी है पता नहीं था वैसे इतने भारी भारी शब्द कहाँ से टीपे
    gud यार काफी दिनों के बाद हिंदी पढ़ के बहुत अच्छा लगा …. कुछ और ऐसे ही लेखों का इंतज़ार रहेगा …. लिखता रह
    देख मेरी भी हिंदी ठीक ठाक ही है ना 😛

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