Brahma ji ke sath anyay!!

Please open this in IE… coz firefox n flock suck in displaying hindi
कुछ दिनों पहले मेरा एक मित्र मुझे बता रहा था कि यहाँ दक्षिण भारत में प्राय: दो भगवानों के भक्तों में एक द्वंद सा चलता रहता है ! हर कोई अपने पूज्यनीय को श्रेष्ठ दिखाने की कोशिश में रहता है | जिन दो भगवानों के भक्तों में ये द्वंद चलता है वो हैं भगवान विष्णु और भगवन शिव | एक बार तो एक तरफ़ के लोगों ने दूसरों को जलने और उनके भगवन को नीचा दिखाने के लिए एक नदी के तट पे अपना मन्दिर बनाया जिससे पानी उनके भगवन के चरणों से होकर दूसरे भगवन के पास जाए और वो लोग उस पानी को अपने देव पे चधाएं | ये बात तो साफ है की इससे वो लोग बहत ही रुष्ट हुए होंगे , परन्तु मेरा ये स्तम्भ लिखने का मुख्य मुद्दा ये नहीं था |
मेरा दोस्त ये बात मुझे बताते समय संशय में था की उसको जो बात बताई गई थी वो भगवान शिव और भगवन विष्णु की थी या फिर उसमें शिव जी और ब्रम्हा जी की बात हो रही थी | इस संशय का हल इस तथ्य से निकला कि आमतौर ब्रम्हा जी के मदिर नहीं पाए जाते हैं और इन्ही दो भगवानों के ही मन्दिर होते हैं |
ये बात जब उठी तब से ही मैं इस बात को लेकर सोच में हूँ कि ब्रम्हा जी के साथ ही ऐसा अन्याय क्यों हुआ है!!
दुनिया के रचयिता के सम्मान में कुछ नहीं बनाया गया | मैंने कुछ लोगों से सुना हुआ है कि दुनिया में केवल एक ही मन्दिर है जो ब्रम्हा जी को समर्पित है ( मैं इस तथ्य के बरे में पूरी तरह आश्वस्त नहीं हूँ परन्तु मैंने अपनी २० वर्षों की ज़िंदगी में कभी कोई ब्रम्हा जी का मन्दिर नहीं देखा ) |
बहुत सोचने के बाद भी मुझे इस बात का कारण नहीं समझ में आया कि क्यों ब्रम्हा जी के साथ ऐसा अन्याय हुआ है | क्या हिंदू धर्म में ऐसा कोई नियम है कि ब्रम्हा जी कि मूर्ती कि पूजा नहीं हो सकती और बाकि सब भगवानों कि मूर्तियाँ बन सकती हैं |
लोग अपने अपने इष्ट देवों तक के लिए मन्दिर बना लेते हैं और यहाँ तक कि अमिताभ बच्चन का भी एक मन्दिर है (मेरी जानकारी के अनुरूप ) तो फिर क्यों ब्रम्हा जी के लिए मन्दिर नहीं हैं |
आज का गाना – जाने वो कैसे लोग थे – हेमंत कुमार द्वारा गाया हुआ प्यासा फ़िल्म से

अगर कोई इस स्तम्भ को पढने कि जेहमत उठा सके तो कृपया इस सवाल पे चिंतन करें और मेरी मदद करें इस पहेली को सुलझाने में |
हिन्दी में लिखना अंग्रेज़ी में लिखने से कई गुना दुश्वार लगता है जबकि हिन्दी हमारी मात्रभाषा है !!

Advertisements

63 thoughts on “Brahma ji ke sath anyay!!

  1. how the hell you manage to write hindi in such a pure form… i mean its like reading some book … do u really know all the words you have written like दुश्वार द्वंद .. anyway nice try and good point raised !! hope u’ll find the answer 🙂

  2. priye mitr,
    brahma ji ko abhishaap mila tha ki unki pooja nahi hogi, shayad shivji ne hi diya tha…though i guess brahmaji wud surely appreciate ur concern. ye bhakti bhav kaise???

  3. अरे फायरफॉक्स यह दुश्मनी क्यों। मैं हमेशा फायरफॉक्स पर काम करता हूं। हिन्दी में तीन चिट्ठे लिखता हूं कोई मुश्किल नहीं होती।

    मैं लिनेक्स पर काम करता हूं। यदि आप भी करते हैं तो SCIM के साथ phonetic कीबोर्ड प्रयोग कीजिये। यदि आप अंग्रेजी में टाइप कर लेते हैं तो यह बहुत आसान है।

    विंडोज़ पर कैफे हिन्दी का प्रयोग कीजिये यहां से डाउनलोड कीजिये। इसमें कई कीबोर्ड हैं phonetic आसान है इसे प्रयोग करें।

    कम से कम हज़ार व्यक्ति तो हिन्दी में चिट्ठा लिख रहें हैं। आप भी लिखें।

  4. कुलबीर सैनी : बहुत खुशी ये जान के कि तुम्हे मेरा स्तम्भ पढ़ के ऐसा लगा कि कोई पुस्तक पढ़ रहे हो!! धन्यवाद 🙂

    सुशांत : मुझे ऐसी किसी बात कि जानकारी नहीं थी | अच्छा हुआ जो तुमने मुझे बता दिया… शिव जी ने बेचारे ब्रम्हा जी को पूजे जाने से वंचित कर दिया…

    उन्मुक्त : मैं हिन्दी लिखने के लिए तो गूगल transliteration का प्रयोग करता हूँ परन्तु मेरे और मेरे कई मित्रों के फायर फॉक्स में हिन्दी अच्छी तरह नहीं आती है | लगता है कुछ फोंट्स कि गड़बड़ होगी |

    1. हाय हिमांक keso हो ? iska जवाब तुम्हे मैं देती जितना मैं जानती उ उतना बहुत वर्षो पहले जब bhagvan जी का जमाना था तब की बात है जब भरम्मा जी और विष्णु की उत्त्पत्ति हुयी थी उस टाइम शंकर जी नै एक सवाल किया था दोनों भगवानो से जिसमे एक सवाल की khoj karni थी लेकिन us सवाल का जवाब किसी को नहीं मिला क्युकी उस सवाल का कोई जवाब ही नहीं था तब विष्णु जी नै akar सच कहा था की उस सवाल का कोई जवाब नहीं है भरम्मा जी नै शंकर जी से kaha की उस सवाल का जवाब उन्हें mil गया जबकि भरम्मा जी जानते थे की वो झूट keh rahe है उन्हें laga की वो सवाल का जवाब अपने तक रख्नेगे और किसी को पता नहीं लगेगा लेकिन शंकरjee की तीसरी आँख hamesha खुली rehti है इस लिए उन्हें सच पता था इस बात पर शंकर जी नाराज हो गए क्युकी भगवन कभी भी झूट नहीं कहते yahi बात unhone भरम्मा जी से कही की हम देवता कभी किसीsai झूट नहीं अपने झूट कहके देवता लोक अपमान किया है आपको पूजा नहीं ho सकती isliye unka मंदिर banvana varjit है unka एक ही मंदिर है jo pushkar मै है
      shankar जी ने ये भी की har पूजा मै artiyo kai ander unka naam jarur aayege lekin पूजा नहीं होगी और न मंदिर होगा
      मई इतना ही जानती और हा
      आपसे एक अनुरोध है प्लीज आप भगवानो को ये न कहा की भगवन जी भेदभाव करते है
      क्युकी कोई भगवन जी भेडवन नहीं उसने लिए अपने सभी भक्त एक सामान है मई भरम्मा जी और स्नानकर जी विष्णु जी और सभी देवी देवताओ की बहुतpooja करती हु और मानती भी हु

      उनके लिए ऐसी बाटे दुबारा कहना
      इससे ज्यादा मेंkuch नहीं कह सकती

      आपकी शुभ चिंतक
      बबली चौहान

      1. Babli ji lekin maine suna hai ki brahma ji ko shrap unki beti ne hi diya tha kiyuki brahma ji ne apni beti ko hi patni banana chahte the isi leye unki beti boli na kabhi apka mandir banega na koi apka pooja karenge babli ji hame iske bare mai kuchh nahi pata please ap mujhe batao akhir sachhai kya hai thank you sister

      2. Kaha hi bhagvan jaha bhi sable pahle mujhe milna hi kaise hi ye tumhare bhagvan Jo jiski sab log usi pe marte ho Jo kabhi kisi ki nahi suna hi aur tum kah rahi ho mai bhagavan ki puja karti hu kabhi kisi gareeb ki saath Di ho kabhi kisi ko khushi Di jyada nahi kahta hu aapne ma pita se sahi kaha hi ab mat kaha na ki bhagavan hote hi samjh aya ki nahi

      3. Hi frnd …i m with u….agar age chal ke mai ameer hua to definetely bramha ji ki 3- 4 mandiren banwauga…..or ha aisa kahi bhi ni likha hai ki unki puja karna mana h….if u want u can do it…infact mera room me to bramha sarawati ki photo bhi h…

    2. Nahi bhai logo aisa nhi hai,asal me hua aisa tha ki bhagwan brahma ko Ek puja krni thi… Jo ki couple kr skte hai…. Us samay unki patni sath nahi thi.. To brahma ji ne Ek gwalin se shadi krli,,, puja krne ke liye jab yah baat brahma ji ki patni savitri ko pata chali to unhone brahma ji ko shrap diya ki unki pooja kahi nhi hogi abse…. Siway pusker ke,,,,isliye unka mandir nhi banaya jata or nhi pooja hoti hai

    3. barma ji ko abhimaan ho geya tha ke saristi ke richeta wo hai or wo tino devo me saresth hai jab shivji or bisnu ji ne samjaya nhi smje shivji ne kaha mere shivling ka sira jo pehele dhunde ga wo saresth hai… Tab bisnu ji or barama ji shiv ling ke ant sire ko dhunde lage…. Shiv ji ne asman me shiv ling pagat kiya or uski lambai anant thi tab bisnu ji niche ki or or barama ji upar ki chale shivling ke ant sire ke liye tab bisnu ji ne har manli ke koi v saresth nhi e saman e bt barama ji ka hankar ni tuta tab shivji ne unhe saraap diya tha yeh…..

      Mene apne bado se suna hai thoda bht bhul v geya hun bat ko syd kuch bat glt na likh ho gai ho bat barama ji ko saraap unke hankar ke karn hi mila tha.

  5. Mere mann mein bhi ye khayal bahut baar ubhraa hai (aaya hai) ki Brahma ji ki pooja kyun nahi hoti, jab ki pauranik kathao mein Brahmaji ki bahut pooja hoti thi !

    1. Dear friend call me for any query my number is 9654890020 i am doing research for same.
      Sabse pehli baat shrsti ki utpatti ke baad hi Eavan hua aur usnd bhaiyo sahit bramha ji ko prasann koya aur var prapt kiye aise bahut se example hai jaha bramha ji ne logo ki tapsya se prasann ho ker var diye. Phir bramha ji puja kyu nii hoti ispe mai bhi sochta hu.

  6. धरती के निर्माण से पहले, जब ब्रह्म जी का जनम हुआ था तब उनके एक ही सर था .फिर उन्होने जब सरस्वती देवी का निर्माण किया, तो उनका रूप देख कर ब्रह्मा जी मंत्र मुग्ध हो गए और उनकी कुदृष्टि देख कर सरस्वती जी उनसे छिपने के लिये चारों दिशाओं मैं भागी . जिस जिस दिशा मैं वो भागी वाहन वाहन ब्रह्म जी ने अपना सर उगा लिया. तब वो स्वर्ग कि तरफ भागी तो ब्रह्म जी ने अपने उपर कि तरफ भी एक सर उगा लिया. ब्रह्म जी कि अपनी पुत्री के प्रति ऐसी लालसा देख कर शिव जी को ब्रह्मा पैर क्रोध आया और अपने त्रिशूल से उन्होने उनका पांचवा सर काट दिया और उनको श्राप दिया कि धरती पैर उनकी कभी पूजा नहीं होगी.

    उम्मीद करता हूँ तुम्हरी शंका का निवारण हो गया होगा

    1. Bhai if u dnt mind ye sab fake stories h….aisi stories ko or na failao isse hamare dharm ki bezzati hoti..hai…agar ho sake to balki bramha pooja ko promote karo….aur ha saraswati bramha ki beti ni balki wife thi…or y satya h..jo ki vishnu puran me likha h ki ma durga ne 3 roop dhare the saraswati laxmi parvati or inhi tino ne bramha vishnu or shiv se sadi ki….

  7. there is just one temple of brahma. it is in pushkar near ajmer in rajasthan. the story i have heard is the abhishaap brahma ji got. but there is also a theory that the creator of the world did not want people to pray him….
    if u happen to visit ajmer, do visit pushkar ji (only 20 km from there).

  8. There is one more Temple of Brahma JI in India. Yes… This is Near Nagpur [Maharashtra] 40 KMS from Nagpur before Kondhali, village name is Ringnabodi. Let me know if you need any other information on this temple

    Sorry I am not fimilar in Hindi Typing and Hence this is in English….

  9. bramha ji ke dadhi our munch hani parantu dadhi aor munch to hanuman je ke bhi hani , hanuman je mattra ek shiv ji ke abtar hani mattra yahei karan hai

  10. धरती के निर्माण से पहले, जब ब्रह्म जी का जनम हुआ था तब उनके एक ही सर था .फिर उन्होने जब सरस्वती देवी का निर्माण किया, तो उनका रूप देख कर ब्रह्मा जी मंत्र मुग्ध हो गए और उनकी कुदृष्टि देख कर सरस्वती जी उनसे छिपने के लिये चारों दिशाओं मैं भागी . जिस जिस दिशा मैं वो भागी वाहन वाहन ब्रह्म जी ने अपना सर उगा लिया. तब वो स्वर्ग कि तरफ भागी तो ब्रह्म जी ने अपने उपर कि तरफ भी एक सर उगा लिया. ब्रह्म जी कि अपनी पुत्री के प्रति ऐसी लालसा देख कर शिव जी को ब्रह्मा पैर क्रोध आया और अपने त्रिशूल से उन्होने उनका पांचवा सर काट दिया और उनको श्राप दिया कि धरती पैर उनकी कभी पूजा नहीं होगी.

    उम्मीद करता हूँ तुम्हरी शंका का निवारण हो गया होगा

  11. There is one more temple of brahma ji in ashotra near by balotra ,barmer district in rajsthan and this holly and wonderfull temple was created by ‘kheteswar data’ .jay kheteswar data ..jay brahma ji ..

  12. pirya mitra

    1 bar parampita brahma ji puskar me 1 anusthan kiya sabhi dewta pahunch gaye lekin kisi karan vas unki patni sabitri nahi pahuchi muhurat nikalne laga tab bramha ji nandi gay se gaytri mata ko prahat kiya aur unhi ke sath pujan chalu kar diya thodi der bad sabitri bhi pahuch gain dekh kar srap dene lagi usme bahut dewtaon ko srap mila isi ke karn wahin 1 mandir rah gaya…..

  13. Brahmadji is coursed by Vishnu and with permission of Shivji. Brahma said: I am the greatest Lord, wich was not right. Unhe ghamand ho gaya tha, then Vishnu said, it is not right, you are the creator, not THE GOD. They had a fight and when they were using their weapons, suddenly Shivji came in a roop of shivling to protect. Because the fight could be dangerous and earth would be destroyed. Shivji said: no one is the biggest. We are three, but we are one. But, because of this behavior there is less pooja and mandirs of Brahmaji.

  14. Hi Friends,

    I am sorry kyuki jo bhi stories likhi hai kisi se bhi mein santusht nahi hua hu. kahi likha hao shrap diya tha ki tumhari puja nahi hogi to fir mandir kyu hai. or agar puja hoti hai to mandir itne kam kyu hai jabki shiv, krishan or hanumaan ke anginat mandir mil jayenge.

    mein kisi ki bhawnao ko chot nahi pahuchana chahta is liye fir se mafi chahta hu

  15. ब्रहमा मंदिर, पुष्‍कर झील के किनारे पर स्थित है। यह भारत के कुछ मंदिरों में से एक है जो हिंदूओं के भगवान ब्रहमा को समर्पित है। हिंदु लोक कथाओं के अनुसार, भगवान ब्रहमा ने पुष्‍कर में यजन्‍या ( आग की पूजा ) की पूजा करने कर प्रतिज्ञा की थी। यद्पि उनकी पत्‍नी सावित्री इस निर्दिष्‍ट समय में यजन्‍या की पूजा करने के लिए उनके साथ मौजूद नहीं थी।

    इसी कारण, उन्‍हे एक स्‍थानीय ग्‍वालिन गायत्री से शादी करनी पड़ी ताकि वह उनके साथ यजन्‍या की पूजा में बैठ सकें। भगवान ब्रहमा के इस कार्य से उनकी पहली पत्‍नी सावित्री को बहुत क्रोध आया और उन्‍होने ब्रहमा जी को शाप दे दिया कि अब उनकी पूजा पुष्‍कर के अलावा कहीं और नहीं की जा सकेगी।
    यह मंदिर मूल रूप से 14 वीं सदी में बनाया गया था। मंदिर में राजसी छवि वाले कमल पर विराजमान, ब्रहमा जी की चार मुख वाली मूर्ति स्‍थापित है जिसके बाएं तरफ उनकी युवा पत्‍नी गायत्री और दाएं तरफ सावित्री बैठी हैं।

  16. ye bola jata h..acc.to shiv puran ki unke mann me unki beti saraswati ji ke liye galat bhaav aa gaye the devi ke janam ke turant bad to shiv ji ne unhe sharp diya tha…..ki apki pooja ya mandir nai honge

  17. tu jarur musalmaan h sale jo brahma ji k bare me esa kah raha h k unhone apni beti pe najar rakhi apne baap k jesa samja h unko wo bhagwaan h pahle purano ko pado ullu k patho phr comment kia karo chahe eo koi bhi ho

  18. kaha kaha se padke aate ho ya koi ese bta jata h ab ye b suno brahma ji ki patni savitri arey murkho akal h ya ni

  19. Aysa hai ki main musalman hoon aor mere hindu friend bhi haien ..
    jahan tak Meri jankari hai to yeh baat sach hai ki Brhmma ji ko shrap mila hua hai lekin Kiyon shrap mila iska jawab koi nahien deta lekin jahan tak mujhe pata chala ka Brhmma ji ne apni beti ke saath 100 sal sambhog kiya tha ess liye unhe shrap mila.

    1. Muslim bhaiyo se reqst h ki bina jankari k jo ki jada tar logo k pas ni h is conversation p comment na karen isse hindu feelng hrt hoti h…balki m hindu bhaiyo se bhi yi kahunga ki vo b bna jankari k alla par comnt na karen or ye keh ki mere hindu dost hai or ulta seedha cmmnt krna galat hai…kyuki mre bhi shiya or sunni dono hi dst h or dono ki manyata alag alag h ..but m bina jankari ke cmmnt ni krta…

  20. Sir aap Muslim he mijhe isse ko appati nahi hai par aap ko kisi ne galat bataya hai or dharma ke naam par ladna band karo
    ishwar/god/allah sarvsharst hai unke bare main aap kalpna bhi nahi kar sakte wo in sari chijo se pare hai
    tabhi wo ishwar hai hai .aap unko nahi apne vichro ko galat bata rahe ho. Sarvashaktimaan hum Sab ko satbudhi de

  21. Plz aaplog aise dharm k nam pe contradict mt kro..
    Hm sb insan hain aur sbke malik ek hain..sbke ek hi god h phr hmlog unhe alag2 kyun kr rhe ho ?
    .
    “naa hindu bnenge naa musalman bnenge,
    insan ki aulad hai insan bnenge,
    kudrat ne to bakhsi thi hme ek hi dharti,
    hmne kahin bhart kahin iran bnaya”
    .
    Plz guys dnt cntradict here

  22. जगत पिता ब्रह्मा से इस दुनिया का अस्तित्व है लेकिन फिर भी जगत रचियता की पूजा-अर्चना किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में नहीं होती क्या है राज?

    जगत पिता ब्रह्मा जी की काया योगियों मुनियों जैसी कांतिमय थी। उनके इस मनमोहक रूप को देखकर स्वर्ग की चित्ताकर्षक सुंदर डील-डौल वाली मोहिनी नाम की अप्सरा उन पर कामासक्त हो गई। कैसे ब्रह्मा जी पर अपने रूप लावण्य का जादू चलाया जाए ऐसा विचार कर वह समाधी में लीन ब्रह्मा जी के समीप ही आसन लगाकर बैठ गई।

    जब ब्रह्मा जी की तांद्रा टूटी तो उन्होंने मोहिनी से पूछा,” देवी! आप स्वर्ग का त्याग कर मेरे समीप क्यों बैठी हैं?”

    मोहिनी ने कहा,” हे ब्रह्मदेव! मेरा तन और मन आपके प्रति प्रेममत्त हो रहा है। कृपया आप मेरा प्रेम स्वीकार करें।”

    ब्रह्मजी मोहिनी के कामभाव को दूर करने के लिए उसे नीतिपूर्ण ज्ञान देने लगे लेकिन ब्रह्मा जी की बातों से मोहिनी की कामभावना और अधिक जागृत हो गई। वह ब्रह्मजी
    को अपनी ओर असक्त करने के लिए कामुक अदाओं से रिझाने लगी। ब्रह्मा जी उसके मोहपाश से बचने के लिए अपने इष्ट श्री हरि को याद करने लगे।

    उसी समय सप्तऋषियों का ब्रह्मलोक में आगमन हुआ। सप्तऋषियों ने ब्रह्मा जी के समीप मोहिनी को देखकर उन से पूछा,” यह रूपवति अप्सरा आप के साथ क्यों बैठी है?”

    ब्रह्मा जी बोले,” यह अप्सरा नृत्य करते-करते थक गई थी विश्राम करने के लिए पुत्री भाव से मेरे समीप बैठी है।”

    सप्तऋषियों को ब्रह्मा जी की बातों से अहंभाव की गंध आ रही थी। अत: उन्होंने अपने योग बल से ब्रह्मा जी की मिथ्य भाषा को जान लिया और मुस्कुरा कर वहां से प्रस्थान कर गए। ब्रह्मा जी के अपने प्रति ऐसे वचन सुनकर मोहिनी को बहुत गुस्सा आया।

    मोहिनी बोली,” मैं आपसे अपनी काम इच्छाओं की पूर्ति चाहती थी और आपने मुझे पुत्री का दर्जा दिया। अपने मन पर संयम होने का बड़ा घमंड है आपको तभी आपने मेरे प्रेम को ठुकराया। यदि मैं सच्चे ह्रदय से आपसे प्रेम करती हूं तो जगत में आपको पूजा नहीं जाएगा और आपका घमंड भी सदा के लिए खत्म हो जाएगा।”

  23. Brahma ji ki pooja isliye nahi hoti hai q ki wo jhut bole then aur siv ji ne unehe srap diya tha aur gadho agar nahin malum ho na toh apne maan se mat bola karo idiot conform kar ne ke liye bade puran bhadoo

  24. BRAMHA JI KI JAI…BRAMHA JI KI JAI BRAMHA JI JAI……. Jagatpita bramha ki kripa hum sab par bani rahe….or agar kisi ki age chal ke aarthik majboot ho chahe mai hi kyo ni to reqst h ki promote bramha worship and make temple….bramha saraswati temples…

  25. आप सभी ने त्रिमूर्ति के बारे में सुना और पढ़ा तो होगा ही, ब्रह्मा, विष्णु और महेश यह दुनिया के सबसे ताकतवर भगवान हैं। हिन्दू धर्म में विष्णु और शिव की तो पूजा होते हुए आपने देखा ही होगा। लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि ब्रह्मा की पूजा क्यों नहीं होती है।

    जबकि ब्रह्मा ने ही दुनिया बनाई है। जितने भी जीव जंतु हैं वे सब ब्रह्मा से उत्पन हुए हैं। ब्रह्मा बुद्धि के देवता हैं और चारों वेद ब्रह्मा के सिर से उत्पन हुए हैं। इतने सब के बाद भी ब्रह्मा की पूजा नहीं होती है, आईये जानते हैं क्यों।

    शिव ने दिया श्राप
    एक बार ब्रह्माजी व विष्णु जी में विवाद छिड़ गया कि दोनों में श्रेष्ठ कौन है। ब्रह्माजी सृष्टि के रचयिता होने के कारण श्रेष्ठ होने का दावा कर रहे थे और भगवान विष्णु पूरी सृष्टि के पालनकर्ता के रूप में स्वयं को श्रेष्ठ कह रहे थे। तभी वहां एक विराट लिंग प्रकट हुआ। दोनों देवताओं ने सहमति से यह निश्चय किया गया कि जो इस लिंग के छोर का पहले पता लगाएगा उसे ही श्रेष्ठ माना जाएगा।
    अत: दोनों विपरीत दिशा में शिवलिंग की छोर ढूढंने निकले। छोर न मिलने के कारण विष्णुजी लौट आए। ब्रह्मा जी भी सफल नहीं हुए परंतु उन्होंने आकर विष्णुजी से कहा कि वे छोर तक पहुँच गए थे। उन्होंने केतकी के फूल को इस बात का साक्षी बताया।

    ब्रह्मा जी के असत्य कहने पर स्वयं शिव वहाँ प्रकट हुए और उन्होंने ब्रह्माजी की एक सिर काट दिया, और केतकी के फूल को श्राप दिया कि पूजा में कभी भी केतकी के फूलों का इस्तेमाल नहीं होगा। इसलिए ब्रह्माजी पूजा नही होती है।

    सरस्वती का अभिशाप
    एक कथा के अनुसार, ब्रह्मा जी ने श्रिष्टि के निर्माण के बाद देवी सरस्वती को बनाया। सरस्वती को बनाने के बाद ब्रह्मा जी उनकी खूबसूरती से मोहित होगये।
    सरस्वती ब्रह्मा से शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनाना चाहती थी इसीलिए उन्होंने अपना रूप बदल लिया। लेकिन ब्रह्मा ने हार नहीं मानी। अंत सरस्वती ने गुस्से में आकर ब्रह्मा को शाप दे दिया कि दुनिया का निर्माण करने के बावजूद उनकी पूजा नहीं की जायेगी। हिंदू धर्म में यह माना जाता है कि बुनियादी इच्छाओं से मुक्ति पाने के बाद ही इंसान भगवान को प्राप्त करता है लेकिन जिसने दुनिया बनायीं वह इससे बाहर नहीं निकला है इसलिए उसका अंत निश्चित है।

  26. bhai na tu me ye sab manta hu k kisi ne srap diya par Q diya kisi ko pata bhi h esa kush nahi sahi tu ye h vo humare dil me baste h hum unka ans h so sayad isiliye unke mandir ni h

  27. Doston mere khyal se sari baten asume ki huyi hai,reality to ye hai ki kalyug me log kafi selfish hai jiska kam khatm uski koi parwah nhi karta. Bhagwan Barmha ji ne sari sristhi and insano ko banaya hai n uski kismat likhi hai uske bat unka kam khatm.so insan jante hai ki bhagwan barmha ji ne to jo karna tha kr diya unka kam khatm,Puja krne se v unka likha change nhi hoga.so kyu unki puja kre.ydi kuch change hoga present n future thik hoga to bhagwan bishnu n bhagwan shiv hi karenge,so log inki Puja karte hai.log Puja apne swarth k liye krte hai.isliye bina swarth ki Puja kre.sabhi bhagwan ki Puja kre.Puja dar kr nhi ki jati Puja astha hoti hai.koi bhagwan galat nhi hai kyuki galat nhi hai tabhi wo bhagwan hai.isliye apne palan krta,moksha data k sath apko banane wale ki v Puja kre.
    Bhagwan apko ashirbad de.
    Dhanybad
    Jai tridev

  28. Dear Readers,

    The main purpose to create this blog is not to defame any particular religion or its followers but to reveal the truth and some hidden facts about this man made religion, i hope all of you will enjoy reading the truth and will not use any abusive language in your comments.

    Thanks for your love & hate

  29. Mere ko aik cheez samajh nhi aati. Kyu bhagwan aur insaan me farq nahi h. Kya bhagwan Ki bhi family hoti h? Biwi aur Bache Ho sakte h? Bhagwan dikhta kaisa hoga? Kya wo aik h ya aik hoke Anek roop h? Aur agar aik bhagwaan h aur uske roop Anek h to kya wo roop insaan Ki Tarah hone chahiye. Agar insaan Ki tarah h aur shadi karte h unki family h. WO galti karte h to fir wo bhagwaan k roop Ki kya Hume puja karni chahiye

  30. Kuch baatein jo mujhe sahi lagti h h wo is prakar h. Asp sab se anurodh h k Plz comment kare aur mere vicharo ko aur shudh kare.
    1. Puri is duniya ko aik bhagwaan ne banaya h.
    2. Bhagwaan khud kabhi is Prithvi p nhi aaya hoga.
    3. Bhagwaan ne apne doot/messenger Prithvi p bheje honge ye samjhane ke liye k kaise manushya apna jeevan vyateet kare.
    4. Ab bhagwaan kya doot/messenger se alag h?
    5. Alag h to usme bhut achai honi chahiye kyunki agar burai h to wo humans ko sandesh nhi de sakta. Aisa samjh lo ke teacher agar khud galti kare to student ko kya sikhaye ga.
    6. Agar bhagwaan aur doot aik h to use insaan k tarah nhi hona chahiye
    7. Insaaan me ghamand lalsa ghrina moh dar vilasta krodh milega
    8.agar bhagwaan krodhit Ho jata h to wo bhagwaan nahi wo bhi tab jab uska krodh Kisi nirdosh pe ho kyunki bhagwan ko antaryami hona chahiye aur krodh p control hona chahiye.
    Aur bhi bhut se vichar h Jo share karna chahta Hu umeed h k aap reply karenge

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s